भारतीय रेलवे ने दक्षिण मध्य रेलवे के तहत मुकुटबन (आदिलाबाद) और गड़चांदूर के बीच लगभग 38 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन के निर्माण के लिए 493 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी है। रेल मंत्रालय के अनुसार, इस नई रेल लाइन से एक छोटा और अधिक कुशल रेल मार्ग मिलेगा, जिससे यात्रा की दूरी, परिवहन का समय और परिचालन लागत में कमी आएगी।
यह नई रेल लाइन मौजूदा वर्धा-माणिकगढ़ सेक्शन पर ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए एक वैकल्पिक मार्ग प्रदान करेगी, जिससे मालगाड़ियों की आवाजाही अधिक सुगम हो सकेगी। यवतमाल जिले का मुकुटबन और चंद्रपुर जिले का गड़चांदूर महत्वपूर्ण औद्योगिक और खनन केंद्र हैं। इस परियोजना से इन औद्योगिक क्लस्टरों के लिए रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी और माल ढुलाई अधिक कुशल बनेगी।
रेल मंत्रालय के अनुसार, इस लाइन के चालू होने के बाद प्रति वर्ष लगभग 6 मिलियन टन (MTPA) माल ढुलाई को समर्थन मिलेगा। साथ ही, दोनों दिशाओं में प्रतिदिन दो मेमू (MEMU) ट्रेनों का संचालन भी किया जाएगा।
यह नया रेल मार्ग कोयला और सीमेंट क्लस्टर को सीधे माजरी-नांदेड़ मार्ग से जोड़ेगा, जिससे कोयला, सीमेंट और स्टील प्लांट के लिए आवश्यक कच्चे माल की परिवहन दूरी (लीड) कम हो जाएगी। इसके अलावा, अत्यधिक व्यस्त बल्हारशाह-नागपुर हाई-डेंसिटी नेटवर्क रूट पर निर्भरता कम होगी और यवतमाल तथा चंद्रपुर जिलों के तुलनात्मक रूप से कम जुड़े क्षेत्रों में रेल कनेक्टिविटी में सुधार होगा।