वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेफरीज के अनुसार, मजबूत घरेलू मांग, बैंक ऋण में तेजी और आर्थिक गतिविधियों में सुधार के दम पर भारत चालू वित्त वर्ष में 6.5 से 7 प्रतिशत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर्ज करने की राह पर है। वहीं, नाममात्र (Nominal) जीडीपी वृद्धि 11 से 12 प्रतिशत के आसपास रहने की उम्मीद है।
अपनी ताजा ‘GREED & fear’ रिपोर्ट में जेफरीज ने कहा कि भारत का आर्थिक प्रदर्शन छह महीने पहले की अपेक्षाओं से काफी बेहतर रहा है। जुलाई में बैंक ऋण वृद्धि सालाना आधार पर बढ़कर 17.8 प्रतिशत हो गई, जिसमें एमएसएमई (MSME) क्षेत्र को दिए गए कर्ज में 24.9 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई। इसके अलावा, कॉरपोरेट ऋण में 21.6 प्रतिशत की तेजी यह संकेत देती है कि लंबे समय से प्रतीक्षित निजी क्षेत्र का पूंजीगत व्यय (Capex) चक्र आखिरकार शुरू हो सकता है।
जेफरीज के इंडिया रिसर्च प्रमुख महेश नंदूरकर के मुताबिक, नाममात्र जीडीपी में तेजी से चालू वित्त वर्ष में कॉरपोरेट आय वृद्धि बढ़कर 14 प्रतिशत और अगले वित्त वर्ष में 17 प्रतिशत तक पहुंच सकती है।
रिपोर्ट में मजबूत घरेलू मांग के प्रमाण के रूप में अगस्त में जीएसटी संग्रह में 14.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी, बिजली मांग में सुधार और प्रमुख शहरों में आवासीय रियल एस्टेट बिक्री में 7 प्रतिशत की वृद्धि का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा, अनिवासी भारतीयों से 136 अरब डॉलर की जमा राशि जुटाने और चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा जीडीपी के 4.3 प्रतिशत पर सीमित रहने का अनुमान भी जताया गया है।